बाजार में चौतरफा गिरावट के बीच सुरक्षित निवेश भी हुआ असुरक्षित, सोना 11 दिनों में 6,000 रुपए लुढ़का, चांदी, क्रूड और रुपया के भी घटे मोल


  • चांदी 22 दिनों में 15,000 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा लुढ़का
  • कच्चे तेल का भाव 30 दिसंबर के मुकाबले 56 फीसदी तक गिर गया
  • रुपया 15 जनवरी से अब तक डॉलर के मुकाबले करीब 5 फीसदी कमजोर हो चुका है
  • दुनियाभर की राहत पैकेजों और बाजार में नकदी बढ़ाने के तमाम प्रयासों के बावजूद सोना, चांदी, क्रूड व रुपए में नहीं थम रही गिरावट

संजय कुमार साह

Mar 17,2020 08:40:33 PM IST

नई दिल्ली. दुनियाभर की सरकारों के राहत पैकेजों और कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा बाजार में नकदी बढ़ाने के लिए किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद बाजार में कहीं भी ठहराव नहीं दिख रहा। सुरक्षित निवेश साधन माने जाने वाले सोना और चांदी भी लुढ़कते जा रहे हैं। जबकि आम तौर पर अनिश्चित माहौल में लोग सोना-चांदी खरीदते हैं और इन धातुओं की कीमत बढ़ती है। निवेशक यह मान रहे हैं कि उनकी नकदी यानी, रुपए-पैसे ही किसी तरह बच जाएं, तो यही उनके लिए बड़ी बात होगी। पिछले 11 दिनों में सोना करीब 6,000 रुपए प्रति तोला सस्ता हो चुका है। चांदी 22 दिनों में 15,000 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा लुढ़क चुका है। कच्चे तेल का भाव 30 दिसंबर के मुकाबले 56 फीसदी तक गिर गया है। रुपया 15 जनवरी से अब तक डॉलर के मुकाबले करीब 5 फीसदी कमजोर हो चुका है। आमतौर पर जब भी अमेरिका का फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दर में कटौती करता है, तब सोने में उछाल दिखता है। सोमवार को भी फेडरल रिजर्व ने इस महीने दूसरी बार आपात बैठक की और अपनी ब्याज दर को घटाकर लगभग शून्य कर दिया। इसके बावजूद बुलियन में भारी गिरावट देखी जा रही है। एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च अनुज गुप्ता ने कहा कि बाजार में गिरावट का यह दौर अभी कुछ और समय तक जारी रह सकता है। इसलिए छोटे निवेशकों को इस समय बाजार में आक्रामक ट्रेडिंग करने से बचना चाहिए।

गोल्ड में 11 दिनों में 6,173 रुपए या 13.72 फीसदी की गिरावट

एमसीएक्स पर सोने में मंगलवार का हाल

प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड में पिछले 11 दिनों में प्रति 10 ग्राम 6,173 रुपए या 13.72 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। 6 मार्च 2020 को एमसीएक्स पर गोल्ड ने 44,961 रुपए प्रति तोला का ऊपरी स्तर छुआ था। एक तोला 10 ग्राम का होता है। मंगलवार 17 मार्च को गोल्ड शाम करीब पांच बजे 38,788 रुपए प्रति तोला पर कारोबार कर रहा था। सोमवार को यह 39,518 रुपए पर बंद हुआ था। कोरोना वायरस का मामला सामने आने और बाजार में अनिश्चितता छाने के बाद शुरू में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी में काफी तेजी दिखी थी। लेकिन दुनियाभर में शेयर बाजार, निश्चित रिटर्न वाले साधन, ऊर्जा और बेस मेटल में भारी गिरावट के बाद सोना और चांदी भी दबाव में आ गए और निवेशक इनसे भी भागने लगे। कोरोना वायरस का मामला चीन में 31 दिसंबर 2019 को सामने आया था। उस दिन एमसीएक्स पर सोना 39,242 रुपए पर बंद हुआ था। 8 जनवरी 2020 को इसने 41,567 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ। इसके बाद 19 फरवरी तक इसने इसी स्तर पर ट्रेड किया। 24 फरवरी को इसने 43,788 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ। 6 मार्च के बाद सोने ने निर्णायक रूप से गिरावट की दिशा पकड़ी और तब से यह लगातार गिर रहा है।

चांदी 22 दिनों में 15,000 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा लुढ़का

एमसीएक्स पर मंगलवार को चांदी का हाल
एमसीएक्स पर मंगलवार को चांदी का हाल

एमसीएक्स पर पिछले 22 दिनों में चांदी में प्रति किलोग्राम 15,269 रुपए या 30.46 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। 22 दिन इसलिए कि इसी दौरान चांदी में स्पष्ट रूप से गिरावट दिखी है। 24 फरवरी को चांदी ने एमसीएक्स पर 50,123 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ था और 50,015 रुपए पर बंद हुआ था। मंगलवार को दोपहर बाद के कारोबार में चांदी 34,854 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। 10 दिसंबर को चांदी 44,024 रुपए पर बंद हुई थी और 24 फरवरी तक कमोबेश इसमें तेजी का माहौल था। 24 फरवरी के बाद हालांकि इसने निर्णायक रूप से गिरावट की दिशा पकड़ ली। सोमवार को चांदी इंट्राडे कारोबार में 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, जो इसकी सबसे बड़ी गिरावट में से एक है। मंगलवार को भी चांदी की कीमत में सोमवार को मुकाबले 3.73 फीसदी की गिरावट देखी गई।

कोरोना वायरस और प्राइस वार के कारण कच्चा तेल 56.82 फीसदी गिरा

दिसंबर से आखिर तक ब्रेंट क्रूड का हाल
दिसंबर से अब तक ब्रेंट क्रूड का हाल

कोरोना वायरस का सबसे सीधा और बुरा असर कच्चा तेल पर देखने को मिला। चीन में वायरस संक्रमण का मामला सामने आने के तुरंत बाद से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में गिरावट शुरू हो गई। बिजनेसइनसाइडर डॉट कॉम के मुताबिक 30 दिसंबर 2020 को प्रमुख कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव 68.60 डॉलर प्रति बैरल था। यह मंगलवार को दोपहर बाद के कारोबार में 29.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। जो 56.82 फीसदी या 38.98 डॉलर की गिरावट दर्शाता है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के तहत दुनियाभर में विमानन सहित कई कारोबार ठप्प पड़ गए हैं। इससे कच्चे तेल की मांग घट गई है और इसकी कीमत में गिरावट आई है। कीमत को बढ़ाने के लिए तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और रूस के बीच उत्पादन घटाने को लेकर हुई चर्चा विफल हो गई। इसके बाद सऊदी अरब ने अपनी ओर से प्राइस वार शुरू कर दिया। उसने तेल का उत्पादन बढ़ा दिया और कीमत घटा दी। प्राइस वार शुरू होने से तेल को एक और झटका लगा और इसकी कीमत में भारी गिरावट आई है। इसके पहले 2015 में भी तेल कीमत में भारी गिरावट आई थी और 18 जनवरी 2016 को ब्रेंट क्रूड 30.09 डॉलर के निचले स्तर पर बंद हुआ था।

रुपए 15 जनवरी के बाद से 4.66 फीसदी लुढ़का

कोरोना वायरस से मचे हाहाकार के बीच देश की मुद्रा रुपए में 15 जनवरी के बाद से 4.66 फीसदी गिरावट आई है। शुक्रवार को इसने 74.50 का नया निचला स्तर भी छू लिया लेकिन आरबीआई द्वारा 1.5 अरब डॉलर की बिक्री करने के बाद रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर से ऊपर उठ गया। 15 जनवरी 2020 को डॉलर के मुकाबले रुपया 70.82 पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह 74.28 रुपए पर बंद हुआ।

कम से कम 15-20 दिनों तक बाजार में बनी रह सकती है अनिश्चितता की स्थिति

अनुज गुप्ता ने कहा कि सोना, चांदी, क्रूड रुपया इन सभी का सीधा संबंध उपभोक्ता से है। इस वक्त बाजार में उपभोक्ता नहीं हैं। इसलिए बाजार में अनिश्चितता और गिरावट का दौर कम से कम 15-20 दिनों तक और जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की सरकारों ने जो राहत पैकेज दिए हैं उससे सरकारों का घाटा बढ़ेगा। इसके कारण दुनियाभर में मंदी की स्थिति और गहराएगी। कोरोना वायरस का प्रकोप भले ही घट जाए, लेकिन आर्थिक सुस्ती 6 महीने से लेकर एक साल तक खिंच सकती है। इसलिए बाजार में तुरंत तेजी आने की संभावना नहीं दिख रही।

छोटे निवेशक बाजार से रहें दूर

गुप्ता ने कहा कि छोटे निवेशकों को फिलहाल बाजार में आक्रामक ट्रेडिंग नहीं करना चाहिए। लंबी अवधि के लिए निवेश करने वालों को अभी कुछ और समय तक मौका मिलेगा। सोना में प्रति तोला 33,000 से 34,000 रुपए के दायरे में निवेश किया जा सकता है। चांदी में प्रति किलोग्राम 28,000 से 30,000 रुपए के दायरे में निवेश किया जा सकता है। क्रूड में प्रति बैरल 1,800 से 1,900 रुपए (करीब 24-25 डॉलर) के दायरे में निवेश किया जा सकता है।

बाजार में अचानक क्यों आई भारी गिरावट

  • कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर की इकोनॉमी पर पड़े नकारात्मक असर और क्रूड में प्राइव वार शुरू होने से बाजार में पहले ही गिरावट का माहौल चल रहा था।
  • कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में पूरी दुनिया के आ जाने के बाद विभिन्न वैश्विक एजेंसियों जैसे विश्व बैंक, आईएमएफ और ओईसीडी ने वैश्विक आर्थिक सुस्ती की चेतावनी दे डाली है। इससे पूरी दुनिया के निवेशकों में हताशा छा गई।
  • कमोडिटी सलाहकार कंपनी केडिया एडवायजरी के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट के बाद मार्जिन कॉल का भुगतान करने के लिए निवेशकों ने डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की बिक्री शुरू कर दी। इससे सुरक्षित निवेश साधन माने जाने वाले सोना और चांदी में भी भारी गिरावट देखी जा रही है।



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