बिहार विधानसभा चुनावः 28 अक्टूबर से 3 चरणों में मतदान, 10 नवंबर को नतीजों का ऐलान


बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरु हो गई है। चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। बिहार में विधानसभा चुनाव 3 चरणों में होगें। जिसकी शुरुआत 28 अक्टूबर से शुरु हो जाएगी। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है और10 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।

– 28 अक्टूबर को होगा पहले चरण का मतदान, पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी होगी

– दूसरे चरण का चुनाव 3 नवंबर को होगा, दूसरे चरण में 94 सीटों पर चुनाव होगा। 

– तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होगा, तीसरे चरण में 15 जिलों में 78 सीटों पर चुनाव होगा

-10 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।

बता दें कि राज्य के 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। आयोग ने कोरोना काल में होने वाले इन चुनावों के लिए बड़ी तैयारी की है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा बोले कि ”कोविड के चलते 70 से ज्यादा देशों ने अपने देश के चुनाव टाल दिए हैं। लेकिन चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा करने के लिए यहां है। बिहार चुनाव में इसबार एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे। कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होंगे। पोलिंग बूथ पर मतदाताओँ की संख्या घटाई जाएगी। एक बूथ पर 1 हजार मतदाता होंगे।”

मुख्य चुनाव आयुक्त आगे बोले कि ”7 लाख हैंड सैनेटाइजर, 6 लाख पीपीई किट्स, 7,6 लाख बेड्सशीट, 23 लाख हैंड ग्लब्स का इंतजाम किया गया है। 7 लाख से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर और 46 लाख से ज्यादा मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। नए सुरक्षा मानकों के तहत कोरोना काल में चुनाव की तैयारी की गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर पाएंगे।”

चुनाव आयोग ने कहा कि ”सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगी वोटिंग। मतदान का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। नामांकन ऑनलाइन भी किया जा सकेगा। विधानसभा कैंडिडेंट समेत कुल 5 लोग ही डोर टू डोर कैंपेन में शामिल होंगे। 5 से ज्यादा लोग घर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे। एक बूथ पर होंगे सिर्फ 1,000 मतदाता। कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल पाएंगे।”

चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ दो से ज्यादा वाहन नहीं जा सकते हैं। इस बार वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा, बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगीः मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी एक चुनौती है। सोशल मीडिया पर कोई भी अगर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई होगी।



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