Mann Ki Baat: PM Modi ने भारतीय सेना के श्वानों


नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश की सुरक्षा में सश बलों के श्वान दस्ते के योगदान की खूब सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय सेना के श्वानों ‘सोफी’ और ‘विदा’ का उल्लेख किया, जिन्हें 15 अगस्त को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ‘कमेंडेशन कार्ड‘ से सम्मानित किया गया है। 

प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि यदि कुत्ते (श्वान) को पालने की उनकी योजना है, तो वे भारतीय नस्ल का कुत्ता पालें। मोदी ने कहा, ‘‘सोफी और विदा भारतीय सेना के वे श्वान हैं, जिन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ‘कमेंडेशन कार्ड‘ से सम्मानित किया गया है। सोफी और विदा को यह सम्मान इसलिए मिला, क्योंकि उन्होंने अपने देश की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक प्रदर्शन किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सश बलों और सुरक्षा बलों के पास ऐसे बहुत सारे बहादुर श्वान हैं जिन्होंने अनगिनत बार बम विस्फोटों और आतंकवादी साजिशों को विफल करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सोफी और विदा को यह सम्मान इसलिए मिला कि उन्होंने अपने देश की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वाह अच्छे से किया। हमारे सश बलों और सुरक्षा बलों के पास कई ऐसे बहादुर श्वान हैं जो न केवल देश के लिए जीते हैं, बल्कि देश के लिए अपने प्राण भी न्योछावर कर देते है।’’अपने रेडियो कार्यक्रम में मोदी ने अमनाथ यात्र मार्ग पर बड़ी संख्या में विस्फोटकों का पता लगाने वाले श्वान ‘बलराम’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में श्वान ‘भावना’ ने आईईडी का पता लगाया, लेकिन आतंकवादियों द्वारा किये गये विस्फोट में वह शहीद हो गई।

मोदी ने ऐसे श्वानों द्वारा गोला बारूद और आईईडी को सूंघ कर पता लगाये जाने के कई अन्य उदाहरण दिए और बीड पुलिस का भी उल्लेख किया, जिसने हाल ही में अपने श्वान साथी रॉकी को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। रॉकी ने 300 से अधिक मामलों को सुलझाने में पुलिस की मदद की थी। कुत्तों की भारतीय नस्लों पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें पालने में कम खर्च आता है और उन्हें भारतीय वातावरण तथा परिवेश के अनुरूप बेहतर तरीके से ढाला जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय नस्ल के कुत्ते भी बहुत अच्छे होते हैं और बहुत सक्षम होते हैं। इनमें मुधोल हाउंड हैं, हिमाचली हाउंड है, ये बहुत ही अच्छी नस्लें हैं। राजापलायम, कन्नी, चिप्पीपराई और कोम्बाई भी बहुत शानदार भारतीय नस्ल हैं। इनको पालने में खर्च भी काफी कम आता है और ये भारतीय माहौल में ढ़ले भी होते हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इंटरनेट पर इन नस्लों को ढूंढ कर उनके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें। इन नस्लों की सुंदरता और गुण आपको चकित कर देंगे! उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेन्सियां भी अपने सुरक्षा दस्ता के एक हिस्से के रूप में भारतीय नस्ल के इन श्वानों को शामिल कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय में आर्मी, सीआईएसएफ, एनएसजी ने मुधोल हाउंड श्वानों को प्रशिक्षित करके डॉग स्क्वॉड में शामिल किया है। सीआरपीएफ ने कोम्बाई श्वानों को शामिल किया है।’’ प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा भारतीय नस्ल के श्वानों पर अनुसंधान भी किया जा रहा है जिससे कि उन्हें बेहतर और अधिक लाभदायक बनाया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘अगली बार जब भी आप कुत्ते पालने की सोचें, आप जरुर इनमें से ही किसी भारतीय नस्ल को घर लाएं। आत्मनिर्भर भारत, जब जन-मन का मंत्र बन ही रहा है, तो कोई भी क्षेत्र इससे पीछे कैसे छूट सकता है।’’ 



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